Tuesday, December 23, 2014
मुसलमानों के अच्छे दिन.
1:17 AM
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Tuesday, May 6, 2014
सारे लेखक चोर हें
11:20 PM
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मेरे एक महान मित्र हे बहुत बड़े लेखक गीत कार
एक्टर गायक के साथ राजपूत भी इससे भी बड़ी बात
दिल्ली पुलिस में तो भाई उनकी सारी बात ठीक
कोई कवि समेलन हो और उन्हें नही बुलाया तो
समझ लो । बड़ेबड़े बदमाश जब जबान नही खोलते
तो इनकी एक कविता सुनवा दो अगली पिछली
सारी चोरी कबूल कर लेगा अपने इसी रॉब के चलते
कई पुस्तक भी प्रकाशित करा चुके हद तो तब हो
गयी जब एक ऐसे लेखक जिस की नजाने कितनी
पुस्तक प्रकाशित हो चुकी उन पर आरोप लगा
दिया ये मेरी रचनाये चुराते हे ।इससे 1 फायदा तो
हुआ बड़े लेखको की नज़र में आ गये मुझे भी एक
दो लेख भेजे हम ने गलती से प्रकाशित भी कर
दिए । बस फिर क्या था हमे आदेश दे डाला हमे
किस लेखक के लेख छपने हे किस के नही सारे
लेखक चोर हे बस आप हमारे लेख छापो अगर
पत्रिका चलानी हे हम ने संपादक की पावर दिखा
कर अपनी पत्रिका से बहार का रास्ता दिखा दिया
जब उनकी कविता नही छापी तो हमे मेल आई
।अगर मेरी अनुमति के बगेर मेरी कोईभी रचना
छापी तो क़ानूनी करवाही की जायगी।
धन्य हो महराज ऐसे लेखको से भगवन
बचाए अगर आप दिल्ली के इस लेखक
का नाम जानते हो तो ज़रूर बताये
ओर ऐसे लेखको से बच कर चले
दिल्ली पुलिस में तो भाई उनकी सारी बात ठीक
कोई कवि समेलन हो और उन्हें नही बुलाया तो
समझ लो । बड़ेबड़े बदमाश जब जबान नही खोलते
तो इनकी एक कविता सुनवा दो अगली पिछली
सारी चोरी कबूल कर लेगा अपने इसी रॉब के चलते
कई पुस्तक भी प्रकाशित करा चुके हद तो तब हो
गयी जब एक ऐसे लेखक जिस की नजाने कितनी
पुस्तक प्रकाशित हो चुकी उन पर आरोप लगा
दिया ये मेरी रचनाये चुराते हे ।इससे 1 फायदा तो
हुआ बड़े लेखको की नज़र में आ गये मुझे भी एक
दो लेख भेजे हम ने गलती से प्रकाशित भी कर
दिए । बस फिर क्या था हमे आदेश दे डाला हमे
किस लेखक के लेख छपने हे किस के नही सारे
लेखक चोर हे बस आप हमारे लेख छापो अगर
पत्रिका चलानी हे हम ने संपादक की पावर दिखा
कर अपनी पत्रिका से बहार का रास्ता दिखा दिया
जब उनकी कविता नही छापी तो हमे मेल आई
।अगर मेरी अनुमति के बगेर मेरी कोईभी रचना
छापी तो क़ानूनी करवाही की जायगी।
धन्य हो महराज ऐसे लेखको से भगवन
बचाए अगर आप दिल्ली के इस लेखक
का नाम जानते हो तो ज़रूर बताये
ओर ऐसे लेखको से बच कर चले
संगीत मेरी इबादत है:- ममता श्रीवास्तव
पाशर्व गायकी मे ममता श्रीवास्तव अब नया नाम नही है भोजपुरी और हिन्दी फिल्मों मे उनका खासा नाम है। पेशे से टीचर ममता श्रीवास्तव संगीत को एक ऐसे माध्यम के रूप में देखती है जिसके द्वारा वो इस समाज में कुछ योगदान दे सके। ममता मुंबई के आर वीटी विधालय मे बच्चो को संगीत सिकाती है। संस्कार उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि संगीत और सिनेमा समाज के अच्छे या बुरे बनने में बहुत असर डालतें हैै। उनके मुताबिक शिक्षिका होने के नाते वो गीतो एका चुनाव बेहद सजगता से करती है वो प्रसिद्व और पैसे के लिए कोई भी गाना नही गाती आकाशवाणी में वीहाई ग्रेड प्राप्त ममता श्रीवास्तव हाल ही में दिल्ली दूरदर्शन में एक शो के लिए आई डीडी 1 टीवी चैनल पर प्रसारित ईविनिंग लाइव शो में उन्होने इस्पेशल गेस्ट के तौर पर अपनी लिखी गजल और भोजपुरी लोगगीत गाये इसी मौके पर रउफ अहमद सिद्वीकी ने उनसे भोजपुरी गीतो और उनकी दिशा पर बात की प्रस्तुत है पूरी बात ।
आप मुख्यतः भोजपुरी गीत गाती है, जिसमें ज्यादा तर देवर भाभी और हल्के मूड के गाने होते है। गाने का चुनाव कैसे, करती हैः
मै हमेशा याद रखती हूॅ कि मै जो गाना गाउंगी उससे मेरे अपने बच्चे और स्टूडेटस जरूर सुनेंगे ऐसे में कलाकार के रूप में जिम्मेदारी है कि मै ऐसे गाऊ जिनसे समाज और बच्चो पर उसका बुरा प्रभाव न पडे इसके लिए चाहे मुझे साल मे 10 में से दो ही फिल्मो का चुनाव क्यू न करना पडे सफलता का रास्ता समझौते से नही पूरा करना चाहती इसके लिए मैने मडर 2 के एक गीत को ठुकरा दियाः- क्या बोल की वजह से ठुकराया आपने यह गाना --
नही डायरेक्टर ने मुझे इसमें गाने का खुद मौका दिया था लेकिन कुछ परिस्थ्यिों ऐसी बनी की मुझे नल करना पडा
संगीम में भोजपुरी गीतो का क्या योगदान है।---
बहुत अच्छा प्रश्न पूछा है आपने पहले तो मै बताना चाहुगी की भोजपुरी आज वो पहले वाली भोजपुरी नही रह गयी है। जिसमें हर मौसम हर त्योहार और रस्म के लिए गीत होते थे आज भोजपुरी बस मैलोडी बनकर रह गयी है। फिर भी भोजपुरी गीतो को सुनने वाले पूरे देश में रहते है यहां तक कि मुबई में भी भोजपुरी के बहुत कद्रदान है संगीत और फिल्मो में भोजपुरी गीतो की अलग छाप है दीलीप साहब पर फिल्माया यह गाना नयन लड जयै तो कलेजवा में कसक हुइ बै करी, आज भी प्रसिद्व है इसके अलावा कई गीतो को लोग आज भी याद करते है















